
तीन छोटे सुअर · Page 6 of 8
टहनियाँ भी काम न आईं
पहला छोटा सुअर जितनी तेज़ी से अपने पैर उठा सकता था, दौड़कर अपने भाई के टहनियों वाले घर तक पहुँचा।
भेड़िया भी उसके पीछे-पीछे आ पहुँचा। "छोटे सुअरो, छोटे सुअरो, मुझे अंदर आने दो!" उसने फिर से पुकारा।
"नहीं, नहीं, हमारी ठोड़ी के एक बाल से भी नहीं!" दोनों ने मिलकर चिल्लाकर कहा।
सो भेड़िये ने फूँक मारी, ज़ोर से फूँक मारी, और वह घर भी उड़ा दिया, और दोनों छोटे सुअर अपने भाई के ईंटों वाले घर की ओर दौड़ पड़े।