
उल्लू, चूहा और लोमड़ी · Page 6 of 6
हमेशा खुशी से
जंगल के जानवर खुशी से झूम उठे, और उस सर्दी में कोई भी भूखा नहीं रहा।
उल्लू, चूहे और लोमड़ी ने एक-दूसरे को नए सम्मान के साथ देखा।
"तुम्हारी आसमानी नज़रों के बिना मैं यह नहीं कर पाती," लोमड़ी ने उल्लू से कहा।
"और तुम्हारी तेज़ी के बिना मैं भी नहीं," उल्लू ने लोमड़ी से कहा।
"और तुम्हारे छोटे आकार और चतुराई के बिना भी नहीं," चूहा हँसते हुए बोला।
उस दिन से, तीनों सबसे अच्छे दोस्त बन गए — और जंगल पहले से बेहतर हो गया, क्योंकि हर किसी के पास कुछ ऐसा था जो बाकियों के पास नहीं था। 🌙