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माया की नए साल की पार्टी · Page 7 of 11

चहचहाहट और छलाँग

थोड़ी देर में चिड़िया फिर जीवंत हो उठी। वह चहचहाई, कालीन पर छलाँग लगाती रही, पंख फड़फड़ाए।

वह घायल नहीं थी — बस बहुत भूखी थी।

जब वह तैयार हो गई, उन्होंने फिर खिड़की खोली और उसे आँगन के पुराने पेड़ की ओर उड़ते देखा।