
हेजहॉग जो गले लगना चाहता था · Page 1 of 7
एक नन्हा हेजहॉग
गुलबहार के फूलों और ऊँची घास से भरे एक बगीचे में पिप नाम का एक नन्हा हेजहॉग रहता था।
पिप हर दिन बाकी जानवरों को देखता रहता। खरगोश सुबह-सुबह एक-दूसरे को गले लगाते। गिलहरियाँ अपने घोंसलों में सिमटकर बैठतीं। यहाँ तक कि बत्तखें भी तालाब किनारे एक-दूसरे से सटकर खड़ी होतीं।
पिप को दुनिया में किसी भी चीज़ से ज़्यादा एक गले लगने की चाहत थी।
लेकिन पिप की एक मुश्किल थी। पिप के शरीर पर सैकड़ों नन्हे, नुकीले काँटे थे।