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लोमड़ी और अंगूर · Page 4 of 8

बड़ी छलाँग

तो लोमड़ी ने फिर कोशिश की।

वह कुछ कदम दौड़ी और कूदी — फड़फड़! उसके पंजे पत्तों को छू गए, पर अंगूर नहीं।

वह फिर कूदी। और फिर। हर बार वह नरम घास पर धीरे से गड़ गई।