
सिंड्रेला · Page 8 of 9
बिल्कुल सही नाप
"बस सिंड्रेला है," सौतेली माँ ने झट से कहा, "पर वह तो केवल एक नौकरानी है। यह जूती उसकी हो ही नहीं सकती।"
पर दूत ने ज़ोर देकर कहा कि घर की हर युवती को जूती पहनकर देखनी होगी।
सिंड्रेला बैठ गई और अपना पैर काँच की जूती में डाला। जूती बिल्कुल फिट बैठी, मानो वह केवल उसी के लिए बनाई गई हो।
दूत मुस्कुराया। "हमें वह मिल गई।"