
भेड़िया आया! भेड़िया आया! · Page 2 of 7
भेड़िया आया! भेड़िया आया!
एक दोपहर, लड़के के मन में एक शरारत सूझी। बस मज़े के लिए, उसने अपने हाथों को मुँह के पास रखकर गाँव की ओर ज़ोर से चिल्लाया।
"भेड़िया आया! भेड़िया आया! भेड़िया भेड़ों पर हमला कर रहा है!"
गाँववाले जो भी कर रहे थे, सब छोड़कर लाठियाँ और फावड़े लेकर पहाड़ी की ओर दौड़ पड़े, ताकि भेड़िये को भगा सकें।
पर जब वे वहाँ पहुँचे, तो कोई भेड़िया नहीं था, बस लड़का था, अपनी शरारत पर खिलखिलाकर हँसता हुआ।
"काश आपने अपने चेहरे देखे होते!" वह हँसते हुए बोला।
गाँववालों को यह मज़ाक बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने सिर हिलाया और वापस पहाड़ी से नीचे चले गए।