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ऐलिस के अजूबे देश के कारनामे · Page 2 of 12

आँसुओं का तालाब

मेज़ पर ऐलिस को एक छोटा केक मिला जिस पर लिखा था “मुझे खाओ”। उसने उसे खाया और बढ़ती चली गई, जब तक उसका सिर छत से न जा लगा।

“अजीब से भी अजीब!” वह बोली।

फिर उस सुंदर बग़ीचे की याद में, जहाँ अब वह पहुँच ही नहीं सकती थी, वह इतना रोई कि फ़र्श पर आँसुओं का तालाब बन गया।

सफ़ेद ख़रगोश भागता हुआ निकला और अपना पंखा और दस्ताने गिरा गया। ऐलिस ने पंखा झला और इतनी तेज़ी से छोटी हुई कि अपने ही आँसुओं के तालाब में जा गिरी, जहाँ एक चूहा तैर रहा था।