
ऐलिस के अजूबे देश के कारनामे · Page 12 of 12
ऐलिस की गवाही
इतनी देर में ऐलिस बढ़ती ही जा रही थी, और खड़े होते ही उसने जूरी का कठघरा उलट दिया और सब जूरी वाले चारों ओर बिखर गए।
“नियम बयालीस,” राजा ने पढ़ा। “एक मील से ऊँचे सब लोग कचहरी से बाहर जाएँ।”
“पहले सज़ा, फ़ैसला बाद में!” रानी चिल्लाई। “इसका सिर काट दो!”
“तुम सब ताश के पत्तों के सिवा कुछ नहीं हो!” ऐलिस बोली।
और तभी सारी गड्डी हवा में उठी और उस पर आ गिरी।
वह नदी किनारे अपनी बहन के पास जागी और उसे वह अनोखा सपना सुनाया।