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ऐलिस के अजूबे देश के कारनामे · Page 5 of 12

इल्ली की सलाह

एक कुकुरमुत्ते पर एक बड़ी नीली इल्ली चुपचाप बैठी हुक़्क़ा पी रही थी।

“तुम कौन हो?” उसने पूछा।

“मैं ख़ुद ही ठीक से नहीं जानती, महोदया,” ऐलिस बोली। “आज सुबह से मैं कितनी ही बार बदल चुकी हूँ।”

इल्ली ने उससे एक कविता सुनाने को कहा, पर हर शब्द उल्टा निकला। आख़िर वह रेंगती हुई चल दी, यह कहकर कि कुकुरमुत्ते का एक हिस्सा उसे लंबा करेगा और दूसरा छोटा।

ऐलिस ने दोनों में से थोड़ा-थोड़ा चखा और बहुत मशक्कत के बाद अपने असली क़द में लौट आई।